पायल:सपनों भरी निगाहें
पायल:सपनों भरी निगाहें
2017 दिसम्बर की बात है जब किरन की पाठशाला गई थी,उस वक्त मन बहुत परेशान था पर किरन ने बुलाया था तो चली गई। और वहीं मुलाकात हुई उन मासूमों से ।
प्यारे और मासूम बच्चे थे जिनकी हँसी और मुस्कुराहट में आप सारा दर्द भूल जाओ। उस दिन लगभग पूरा दिन वहीं बिताया था उन बच्चों के साथ और किरन और उसके परीवार के साथ उस दिन किरन के साथ ही वहाँ कई और अच्छे लोगों से मुलाकात हुई। जिनमें से कई लोग आज भी सम्पर्क में है।
तो बात ये है कि किरन से जितनी बात नहीं हुई उस दिन उससे कई ज्यादा बात हुई उस पाठशाला में पढने वाले बच्चों से ......
बच्चों ने मुझसे काफी बातें की किसी ने गाना किसी ने कविता और किसी ने डांस और हाँ वहाँ बच्चों की बनाई ड्राईंग भी देखने को मिली।
अब आती हूँ पायल पे पायल उन्हीं बच्चों में थोड़ी समझदार आठवीं कक्षा में पढने वाली लड़की थी।जब सब बच्चे बात कर रहे थे वो चुपचाप बैठी थी।
पायल साँवले रंग और बड़ी बड़ी काली भूरी आँखों वाली लड़की थी।जब मैंनें उसे देखा तो उसके लब भले खामोश हो पर उसकी आँखें बात कर रही थी।
उन आँखों में अनगिनत सपने भरे थे।फिर जब मैंनें उससे बात की तब उसने बताया वो पास के डेरे में रहती है और स्कूल जाती है इसका श्रेय किरन को जाता है।फिर बात आई सपनों की जब मैंनें उससे पूछा कि
बड़ी होकर क्या बनोगी तब उसका जो जवाब था मुझे अपने बचपन की याद आ गई जब मैं लगभग पाँच साल की थी तब किसीने पूछा था कि क्या बनोगी और मैंनें वहीं जवाब दिया जो पायल ने।
पायल ने बताया कि वो पुलिस बनना चाहती है वो किरन बेदी की तरह बनना चाहती है।
फिर जब मैंनें पूछा क्यों तब उसने बताया कि पापा शराब पीकर आते है माँ को पीटतेहै मुझे मारते है।
तब लगा कि ये बच्ची कितनी हिम्मत वाली है।
और हाँ मेरे लिए प्रेरणा हो तुम पायल जबसे तुम्हें मिली हूँ एक बार भी नहीं भूली मैं तुम्हें। तुम ही हो जो मुझे हारने नहीं देती क्योंकि वो कुछ पल की बातें जो तुमसे की थी वो जीवन भर का सबक है मेरे लिए।
शुक्रिया पायल
और अब शायद तुम 11वीं कक्षा में आ गई होगी।मेरी दुआएं है कि तुम अपना सपना पूरा करो और खूब खुश रहो और कोई तुम्हें तुम्हारे रूप रंग से नहीं तुम्हारे जज्बे और जूनून से जाने। और कभी ईश्वर ने चाहा तो तुमसे दोबारा मुलाकात जरूर होगी तब शायद तुम मुझे ना पहचानो पर मैं तो तुम्हें पहचान लूँगी।
#अजमेर_डायरी
तेरे बिन तेरे संग
राधे कृष्ण
#मीनू©✍️
2017 दिसम्बर की बात है जब किरन की पाठशाला गई थी,उस वक्त मन बहुत परेशान था पर किरन ने बुलाया था तो चली गई। और वहीं मुलाकात हुई उन मासूमों से ।
प्यारे और मासूम बच्चे थे जिनकी हँसी और मुस्कुराहट में आप सारा दर्द भूल जाओ। उस दिन लगभग पूरा दिन वहीं बिताया था उन बच्चों के साथ और किरन और उसके परीवार के साथ उस दिन किरन के साथ ही वहाँ कई और अच्छे लोगों से मुलाकात हुई। जिनमें से कई लोग आज भी सम्पर्क में है।
तो बात ये है कि किरन से जितनी बात नहीं हुई उस दिन उससे कई ज्यादा बात हुई उस पाठशाला में पढने वाले बच्चों से ......
बच्चों ने मुझसे काफी बातें की किसी ने गाना किसी ने कविता और किसी ने डांस और हाँ वहाँ बच्चों की बनाई ड्राईंग भी देखने को मिली।
अब आती हूँ पायल पे पायल उन्हीं बच्चों में थोड़ी समझदार आठवीं कक्षा में पढने वाली लड़की थी।जब सब बच्चे बात कर रहे थे वो चुपचाप बैठी थी।
पायल साँवले रंग और बड़ी बड़ी काली भूरी आँखों वाली लड़की थी।जब मैंनें उसे देखा तो उसके लब भले खामोश हो पर उसकी आँखें बात कर रही थी।
उन आँखों में अनगिनत सपने भरे थे।फिर जब मैंनें उससे बात की तब उसने बताया वो पास के डेरे में रहती है और स्कूल जाती है इसका श्रेय किरन को जाता है।फिर बात आई सपनों की जब मैंनें उससे पूछा कि
बड़ी होकर क्या बनोगी तब उसका जो जवाब था मुझे अपने बचपन की याद आ गई जब मैं लगभग पाँच साल की थी तब किसीने पूछा था कि क्या बनोगी और मैंनें वहीं जवाब दिया जो पायल ने।
पायल ने बताया कि वो पुलिस बनना चाहती है वो किरन बेदी की तरह बनना चाहती है।
फिर जब मैंनें पूछा क्यों तब उसने बताया कि पापा शराब पीकर आते है माँ को पीटतेहै मुझे मारते है।
तब लगा कि ये बच्ची कितनी हिम्मत वाली है।
और हाँ मेरे लिए प्रेरणा हो तुम पायल जबसे तुम्हें मिली हूँ एक बार भी नहीं भूली मैं तुम्हें। तुम ही हो जो मुझे हारने नहीं देती क्योंकि वो कुछ पल की बातें जो तुमसे की थी वो जीवन भर का सबक है मेरे लिए।
शुक्रिया पायल
और अब शायद तुम 11वीं कक्षा में आ गई होगी।मेरी दुआएं है कि तुम अपना सपना पूरा करो और खूब खुश रहो और कोई तुम्हें तुम्हारे रूप रंग से नहीं तुम्हारे जज्बे और जूनून से जाने। और कभी ईश्वर ने चाहा तो तुमसे दोबारा मुलाकात जरूर होगी तब शायद तुम मुझे ना पहचानो पर मैं तो तुम्हें पहचान लूँगी।
#अजमेर_डायरी
तेरे बिन तेरे संग
राधे कृष्ण
#मीनू©✍️


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