मेरी टीचर
डॉक्टर ब्लासम प्रिया पीटर्स यहीं नाम था मेरी माइक्रोबायोलॉजी की टीचर का जो कालेज में सबकी फेवरिट थी और मेरी भी फेवरिट थी मैम आप.. पर मेरे लिए स्पेशल बात ये थी कि मैं आपकी फेवरिट थी। और ये उस दिन पता चला जब आप मेरे बर्थडे वाले दिन मुझे कालेज कैम्पस और हास्पिटल में ढूढ़ रहे थे। और आखिरी में मैं मिली आपको हास्पिटल पार्किंग में । और कैसे आपने मुझे देखते ही आवाज दी थी ना मीना इधर आना और जब मैं आपके पास पहूँची तो आपका गले से लगा लेना आज भी याद आता है जैसे उस शहर की भीड़ मेेंं कोई अपना मिल गया जो मेरी आँखे पढ़ लेती थी जो मेरे डर को मेरी ताकत बनाने की बात करती थी।और फिर आपका वो प्यारा सा कीचैन और वो फाइवस्टार चाकलेट देना और कहना हैप्पी बर्थडे बच्चा और बोलना की क्लास खत्म करके मेरे पास आना। और उस दिन जब मैं आपके पास आई मेडिकल कालेज में तो आपका एक बार फिर से गले से लगाना और यीशु से मेरे लिए प्रार्थना करना सब मेरे लिए अचानक हुआ था।शायद इतना प्यार और अपनापन कभी देखा नहीं था तो आश्चर्यचकित थी। फिर तो जब भी परेशान होती थी बस आप ही दिखते थे जिनके पास जाकर कुछ कहना ही नहीं पड़ता थ...