मेरी टीचर
डॉक्टर ब्लासम प्रिया पीटर्स यहीं नाम था मेरी माइक्रोबायोलॉजी की टीचर का जो कालेज में सबकी फेवरिट थी और मेरी भी फेवरिट थी मैम आप..
पर मेरे लिए स्पेशल बात ये थी कि मैं आपकी फेवरिट थी।
और ये उस दिन पता चला जब आप मेरे बर्थडे वाले दिन मुझे कालेज कैम्पस और हास्पिटल में ढूढ़ रहे थे।
और आखिरी में मैं मिली आपको हास्पिटल पार्किंग में ।
और कैसे आपने मुझे देखते ही आवाज दी थी ना मीना इधर आना और जब मैं आपके पास पहूँची तो आपका गले से लगा लेना आज भी याद आता है जैसे उस शहर की भीड़ मेेंं कोई अपना मिल गया जो मेरी आँखे पढ़ लेती थी जो मेरे डर को मेरी ताकत बनाने की बात करती थी।और फिर आपका वो प्यारा सा कीचैन और वो फाइवस्टार चाकलेट देना और कहना हैप्पी बर्थडे बच्चा और बोलना की क्लास खत्म करके मेरे पास आना।
और उस दिन जब मैं आपके पास आई मेडिकल कालेज में तो आपका एक बार फिर से गले से लगाना और यीशु से मेरे लिए प्रार्थना करना सब मेरे लिए अचानक हुआ था।शायद इतना प्यार और अपनापन कभी देखा नहीं था तो आश्चर्यचकित थी।
फिर तो जब भी परेशान होती थी बस आप ही दिखते थे जिनके पास जाकर कुछ कहना ही नहीं पड़ता था आप तो बिन कहे सब समझ जाते थे ना
आज भी याद है वो टीचर्स डे जब मैं आपके पास कागज पर लिखी वो चार लाइन लेकर आई थी और कैसै आपकी आँखों में आँसू आ गए थे उस दिन आपको बहुत सारे कार्ड्स और गिफ्ट्स मिले थे पर मेरे पास वो चार लाइनें लिखे साधारण सा कागज इसके अलावा और कुछ नहीं था देने को लेकिन आप उसे देखकर कितना खुश हुए थे ना ऐसी ही कितनी बातें मैम आपसे जुड़ी हुई जिन्हें कभी भूल नहीं पाई मैं और ना ही भूल सकती हूँ।
आप मेरी हर परेशानी का समाधान ढूंढ लेते थे ।आज फिर आपकी बहुत याद आ रही मैम आपका जाना मतलब बहुत कुछ छीन गया था मुझसे पाँच साल हो गए पर ये लड़की आपको नहीं भूली।
आप कहते थे ना कि कभी हारना मत और कभी लगे हार रही हो तो मेरे पास दौड़कर आ जाना बच्चे और देखो ना मैम इस बच्चे को कितनी जरूरत है आपकी और आप नहीं हो ...
आप फिर से लौट आओ ना मैम आपके गले लगकर रोने को दिल चाहता है
मन करता है कि आप फिर से वैसे ही बिना बोले मेरी बातें समझ जाओ ना मैम।
आपकी ये स्टूडेंट जिसे आप बेटी कहते थे बहुत अकेली हो गई है।
बहुत याद आती है एक बार फिर लौट आओ ना मैम आप।
जिस दिन आप गये थे उसके एक दिन पहले मन कितना बैचेन था आपसे बात करने को पर नहीं कर पाई और जब दूसरे दिन वर्षा दीदी ने बताया तो सब कुछ खत्म हो गया था यूँ लगा मेरा ही कोई हिस्सा मुझसे छीन लिया हो ईश्वर ने।
इसलिए जब जिससे बात करने का मन करे कर.लिया करो ये जिन्दगी बहुत कुछ छीन लेती है जैसे मुझसे मेरी टीचर को छीन लिया..
चिट्ठी ना कोई संदेश जाने वो कौनसा देश कहाँ तुम चले गए.....।
मिस यू मैम
तेरे बिन तेरे संग
राधे कृष्ण
#मीनू©✍️
पर मेरे लिए स्पेशल बात ये थी कि मैं आपकी फेवरिट थी।
और ये उस दिन पता चला जब आप मेरे बर्थडे वाले दिन मुझे कालेज कैम्पस और हास्पिटल में ढूढ़ रहे थे।
और आखिरी में मैं मिली आपको हास्पिटल पार्किंग में ।
और कैसे आपने मुझे देखते ही आवाज दी थी ना मीना इधर आना और जब मैं आपके पास पहूँची तो आपका गले से लगा लेना आज भी याद आता है जैसे उस शहर की भीड़ मेेंं कोई अपना मिल गया जो मेरी आँखे पढ़ लेती थी जो मेरे डर को मेरी ताकत बनाने की बात करती थी।और फिर आपका वो प्यारा सा कीचैन और वो फाइवस्टार चाकलेट देना और कहना हैप्पी बर्थडे बच्चा और बोलना की क्लास खत्म करके मेरे पास आना।
और उस दिन जब मैं आपके पास आई मेडिकल कालेज में तो आपका एक बार फिर से गले से लगाना और यीशु से मेरे लिए प्रार्थना करना सब मेरे लिए अचानक हुआ था।शायद इतना प्यार और अपनापन कभी देखा नहीं था तो आश्चर्यचकित थी।
फिर तो जब भी परेशान होती थी बस आप ही दिखते थे जिनके पास जाकर कुछ कहना ही नहीं पड़ता था आप तो बिन कहे सब समझ जाते थे ना
आज भी याद है वो टीचर्स डे जब मैं आपके पास कागज पर लिखी वो चार लाइन लेकर आई थी और कैसै आपकी आँखों में आँसू आ गए थे उस दिन आपको बहुत सारे कार्ड्स और गिफ्ट्स मिले थे पर मेरे पास वो चार लाइनें लिखे साधारण सा कागज इसके अलावा और कुछ नहीं था देने को लेकिन आप उसे देखकर कितना खुश हुए थे ना ऐसी ही कितनी बातें मैम आपसे जुड़ी हुई जिन्हें कभी भूल नहीं पाई मैं और ना ही भूल सकती हूँ।
आप मेरी हर परेशानी का समाधान ढूंढ लेते थे ।आज फिर आपकी बहुत याद आ रही मैम आपका जाना मतलब बहुत कुछ छीन गया था मुझसे पाँच साल हो गए पर ये लड़की आपको नहीं भूली।
आप कहते थे ना कि कभी हारना मत और कभी लगे हार रही हो तो मेरे पास दौड़कर आ जाना बच्चे और देखो ना मैम इस बच्चे को कितनी जरूरत है आपकी और आप नहीं हो ...
आप फिर से लौट आओ ना मैम आपके गले लगकर रोने को दिल चाहता है
मन करता है कि आप फिर से वैसे ही बिना बोले मेरी बातें समझ जाओ ना मैम।
आपकी ये स्टूडेंट जिसे आप बेटी कहते थे बहुत अकेली हो गई है।
बहुत याद आती है एक बार फिर लौट आओ ना मैम आप।
जिस दिन आप गये थे उसके एक दिन पहले मन कितना बैचेन था आपसे बात करने को पर नहीं कर पाई और जब दूसरे दिन वर्षा दीदी ने बताया तो सब कुछ खत्म हो गया था यूँ लगा मेरा ही कोई हिस्सा मुझसे छीन लिया हो ईश्वर ने।
इसलिए जब जिससे बात करने का मन करे कर.लिया करो ये जिन्दगी बहुत कुछ छीन लेती है जैसे मुझसे मेरी टीचर को छीन लिया..
चिट्ठी ना कोई संदेश जाने वो कौनसा देश कहाँ तुम चले गए.....।
मिस यू मैम
तेरे बिन तेरे संग
राधे कृष्ण
#मीनू©✍️

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