हमसफर
किसी ने पूछा था कि तू शादी कब करेगी मैंने कहा कभी नहीं फिर उसने पूछा कि फिर भी बता तो दे कैसा जीवन साथी चाहिए... मैं जिस वक्त ये सवाल पूछा गया था तब कुछ सोचा नहीं था पर उसने कई बार ये सवाल पूछा तो लगा आज जवाब दे ही देती हूँ.. ..। तो शादी के बाद पति नहीं हमसफर चाहिए जो दोस्त ज्यादा हो... कभी कोई फैसला करूँ तो वो ये ना कहे कि तुम गलत हो बस इतना बता दे कि ये गलत ये सही पर फैसला मैं ही लूँ बिना किसी दबाव के और जो गलत हो जाऊँ तो वो ये ना कहे कि मैंनें तो पहले ही कहा था कि तुम गलत हो इसके बजाय वो बस खामोशी से हाथ थामकर गले लगाकर कह दे कि कोई ना जो होगा देख लेगें तुम बस अपने आत्मविश्वास के साथ खड़ी रहो.. वो हर बात पर ये ना कहे कि यहाँ नहीं जाना वहाँ नहीं जाना, और कहे कि हर बात के लिए इजाजत लेनी पड़ेगी बल्कि वो ये कहे कि जीवन तुम्हारा है तो तुम तय करो.... बाकी मैं तो हर बात में साथ हूँ पर इसका मतलब ये नहीं कि तुम सहारे की तलाश में रहो..... गर कभी बकबक मशीन की तरह बोलती रहूँ तो ये ना कहे कि चुप रहा करो.... बल्कि ये कहे कि खामोश अच्छी नहीं लगती.... कभी जो चुप हो ...